
कौशाम्बी। जनपद में पत्रकार इश्तेयाक अहमद पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे को लेकर पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की है।पत्रकारों का कहना है कि सच लिखने की वजह से इश्तेयाक अहमद को निशाना बनाया गया है। उनका आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई कर दी गई, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए फर्जी मुकदमा वापस लेने और पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की।

इस दौरान “इश्तेयाक अहमद को न्याय दो, फर्जी मुकदमा वापस लो”, “कलम की आवाज़ दबेगी नहीं” जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया चौथा स्तंभ है और यदि पत्रकारों को ही प्रताड़ित किया जाएगा तो जनहित के मुद्दे सामने नहीं आ पाएंगे।पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है।प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर जारी है।