
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे में एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। वह खून से लथपथ सड़क किनारे दर्द से कराह रही थीं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ थीं। मौके पर मौजूद लोग केवल वीडियो बनाने और देखने में लगे रहे, लेकिन किसी ने मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे कांस्टेबल आशीष ने बिना समय गंवाए घायल महिला को अपनी गोद में उठाया और दौड़ते हुए एम्बुलेंस तक पहुंचाया। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता के चलते महिला को समय रहते उपचार मिल सका।
कांस्टेबल आशीष का यह मानवीय कार्य न केवल पुलिस विभाग की छवि को मजबूत करता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है। वर्दी के पीछे छिपी दया, संवेदना और बुजुर्गों के प्रति सम्मान ने हर किसी का दिल जीत लिया।
स्थानीय लोगों ने कांस्टेबल के इस कार्य की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी ही खाकी की असली पहचान हैं।